PM मोदी पर भद्दे-अश्लील कमेंट्स को लेकर कार्रवाई शुरू; दिल्ली पुलिस नोटिस जारी कर रही, आपत्तिजनक पोस्ट-वीडियो हटाए जा रहे

PM मोदी पर भद्दे-अश्लील कमेंट्स को लेकर कार्रवाई शुरू; दिल्ली पुलिस नोटिस जारी कर रही, आपत्तिजनक पोस्ट-वीडियो हटाए जा रहे

Delhi Police removed Obscene Comments Post Videos over PM Modi

Delhi Police removed Obscene Comments Post Videos over PM Modi

Obscene Comments on PM Modi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ युवा-छात्रों में गुस्सा था. लेकिन यह बेहद शर्मनाक है कि कुछ प्रदर्शनकारी युवक-युवतियों ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मर्यादा और सभ्यता को भी तार-तार कर दिया. पीएम मोदी पर गंदे और भद्दे-अश्लील कमेंट्स किए गए. गाली-गलौच के साथ गंदे स्लोगन लिखे हुए पोस्टर्स लहराए गए. हैरानी इस बात की और है कि बेहद कम उम्र के प्रदर्शनकारी युवा भी यह सब कर रहे थे. जिससे उनकी मानसिक विकृति और परवरिश का भी पता लग गया. उन अपशब्दों को यहां लिखा भी नहीं जा सकता.

PM मोदी पर भद्दे-अश्लील कमेंट्स को लेकर कार्रवाई शुरू

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी पर भद्दे-अश्लील कमेंट्स के पोस्ट-वीडियो हटाने को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. दिल्ली पुलिस उन सभी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डीप क्लीनिंग कर रही है. जिन पर प्रधानमंत्री को लेकर भड़काऊ, भद्दे-अश्लील कमेंट और आपत्तिजनक भाषा वाले पोस्ट और वीडियो अपलोड किये गए. दिल्ली पुलिस ने ऐसे कंटेंट की पहचान कर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को नोटिस जारी किया है और आपत्तिजनक पोस्ट-वीडियो हटाने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट वाले कई सोशल मीडिया हैंडलर्स की पहचान भी की जा रही है और उन्हें भी नोटिस भेजा जा रहा है.

बता दें कि भारतीय संविधान के तहत बेशक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, बोलने का अधिकार है लेकिन उसी संविधान के तहत सार्वजनिक व्यवस्था में मानहानि किए जाने पर कानूनी कार्रवाई का भी अधिकार और नियम है. खासकर किसी प्रतिष्ठित और उच्च पद पर बैठे व्यक्ति की छवि को यूं ही धूमिल नहीं किया जा सकता. किसी पद पर बैठा व्यक्ति उस पद की गरिमा होता है और ऐसे में प्रधानमंत्री समेत किसी भी व्यक्ति को आपत्तिजनक भाषा बोलना और उसकी इमेज को नुकसान पहुंचाना, यह सब मानहानिकारक, अपमानजनक की श्रेणी में आता है और इस पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.